सेक्सी बहु को ससुर जी ने पूरी रात बजाया

मेरा नाम नेहा है और मैं 24 साल की शादी शुदा औरत हूं. मेरी हाईट 5 फीट है और फिगर 33-28-34 है. मैं प्रयागराज की रहने वाली हूं. मेरी शादी पिछले साल फरवरी में हुई थी. बीते दिसंबर की एक रात को मुझे तेज प्यास लगी. आप जानते होंगे कि सर्दी में या तो प्यास लगती नहीं और लगती है तो फिर प्यास कितनी जोर से लगती है.



ठंड बहुत ज्यादा थी फिर भी मैं जल्दी से उठी रसोई में जाने लगी. मेरा ध्यान ससुर के कमरे की ओर गया तो मैंने पाया कि उनके रूम की लाइट जल रही थी.
मैंने सोचा कि इतनी रात को ये जाग क्यों रहे हैं, कहीं तबियत तो खराब नहीं हो गयी?

उनको देखने के लिए मैं रूम की ओर जाने लगी तो मैंने पाया कि मेरे ससुर अपने लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाये जा रहे थे.
उनका लन्ड करीब 7 इंच का था. इतना बड़ा लंड मैंने कभी किसी मर्द का नहीं देखा था.

मैं आपको उनके बारे में बता दूं कि वो उम्र में 55 साल के करीब हैं. उनकी हाइट 6 फीट है.

मेरी सास की मृत्यु बहुत समय पहले हो गयी थी. शायद इसी वजह से ससुर जी का लंड इतना बेताब लग रहा था.

वो आंखें बंद किये लगातार अपने हाथ को अपने लंड पर चला रहे थे.
ये नजारा देखकर मैं तो सन्न रह गयी.
मगर मेरी नजर भी मेरे ससुर के लंड से हट नहीं रही थी. मेरे पति का लंड उनके लंड से कम था.
उनका लंड देखकर मेरे अंदर भी चुदास सी जागने लगी लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकती थी.

फिर मैं रसोई से पानी लेकर अपने कमरे में चली गयी. अब मुझे भी लंड चाहिए था तो मैंने पति को जगाया और उनको गर्म करने की कोशिश करने लगी.

मैंने पति के लंड को ऊपर से ही सहलाया. उनका हाथ मेरी चूत पर रखवाया और सहलवाने लगी.
थोड़ी देर में उनका लंड खड़ा होने लगा. फिर मैंने उनके लंड को चूसा और चुदाई के लिए पूरा तैयार कर दिया.

पति ने मेरी चूत में लंड डाला और चोदने लगे. उनका लंड 6 इंच के करीब था. मैं चुदाई का मजा लेने लगी.

मगर दिमाग में ससुर का लंड अभी भी घूम रहा था. उनका लंड बहुत मोटा था.

पति ने मुझे पांच मिनट तक चोदा और फिर वो झड़ गये. मुझे लंड तो मिल गया लेकिन वो संतुष्टि वाली चुदाई नहीं हुई. फिर भी मैंने पति को ज्यादा नहीं कहा क्योंकि वो नींद में थे और मैं भी अब सोना चाहती थी.

फिर कुछ दिन बाद मेरे पति ने कहा कि वो जॉब करने दिल्ली जाने वाले हैं.
वो कहने लगे कि पहले वो वहां पर जम लेंगे और उसके बाद मुझे भी वहीं बुला लेंगे. मैं ये सोचकर परेशान हो रही थी.

मुझे पति के बिना कैसे चुदाई का मजा मिलने वाला था. 4 जनवरी को मेरे पति दिल्ली चले गये.

उनके जाने के बाद मेरा मन सूना हो गया.
एक दो दिन तो मैंने किसी तरह सब्र किया लेकिन फिर ससुर का लंड मेरे दिमाग में घूमने लगा.

मैं उनका लंड देख चुकी थी और जब से मैंने उनका मोटा लंड देखा था मैं उसको अपनी चूत में लेने का सपना भी देख रही थी.
अब मैं किसी तरह ससुर जी का लंड खड़ा करके उनको खुद चुदाई के लिए तैयार करना चाहती थी.
इसके लिए मैंने बाजार से कुछ नये कपड़े ले लिये. नाइटी, पैंटी और ब्रा के सेट लिये. सेक्सी वाली नाइट ड्रेस ली ताकि अपने बदन को दिखाकर मैं ससुर जी के लौड़े की प्यास को और ज्यादा बढा़ सकूं.

शाम को जब मैं घर आयी तो मैंने जल्दी जल्दी खाना बनाया.

ससुर जी को भूख लगी तो वो बोले- बहू खाना लगा दो.
मैंने उनको बैठने को कहा और बोली- अभी लगा देती हूं.

मैं अपनी साड़ी बदल कर आ गयी और मैंने वो नयी ड्रेस पहनी जो मैं बाजार से लायी थी.

जब मैं खाना लेकर उनके पास पहुंची तो उनकी नजर मेरे बदन पर पड़ी और वहीं पर ठहर गयी.
इससे पहले मेरे ससुर ने मुझे इतने ध्यान से नहीं देखा था.

वो लगातार मुझे देख रहे थे और मैं खुश हो रही थी कि मेरा प्लान काम कर रहा है. वो ये भी कोशिश कर रहे थे कि मुझे उनकी नजर के बारे में पता न चले इसलिए बार बार नीचे नजर कर लेते थे.

ससुर ने खाना खाया और फिर वो सोने के लिए चले गये.

मगर मुझे नींद नहीं आ रही थी. मेरे बदन की गर्मी मुझे चैन से लेटने नहीं दे रही थी.
आज मैंने ससुर की आंखों में मेरे जिस्म के लिए हवस भी देख ली थी लेकिन मैं कुछ नहीं कर पा रही थी.

मैं फिर सोचते सोचते सो गयी.

मगर उस दिन के बाद से मैं किसी न किसी तरह अपने बदन और उसके उभार दिखाकर अपने ससुर को तड़पाने लगी.
वो अब अक्सर मेरी चूचियों और मेरी गांड को ताड़ते रहते थे.

कुछ दिन बीत गये. फिर 9 जनवरी की रात आयी.
उस रात को मैंने लाल रंग की नाइटी पहनी थी जो चूचियों पर से जालीदार थी. उसको देखकर तो मेरे ससुर की आंखें ही फैल गयीं. वो जैसे पागल से हुए जा रहे थे.
उन्होंने खाना भी ठीक से नहीं खाया और थोड़ा सा ही खाकर रूम में चले गये.
मैंने भी जल्दी से काम खत्म किया और सोने के लिए जाने लगी.
मगर मेरा मन बेचैन था.

आज ससुर जी बहुत उतावले थे. मैं एक बार उनकी हालत देखना चाहती थी.

इसलिए मैंने दूध गर्म किया और उनके कमरे की ओर चल दी.
मैंने अंदर देखा तो वो लंड को लगातार हिला रहे थे और बार बार कह रहे थे- चूस साली मेरे लंड को … साली नेहा … चूस इसे.

ऐसे कहते हुए वो अपने लंड की मुठ मार रहे थे.
मैं बहुत उत्तेजित हो गयी उनकी ये हालत देखकर.

उसके बाद मैंने दरवाजा खटखटाया तो वो संभल गये. उन्होंने अपना लंड अंदर पजामे में किया और ढक लिया.

मगर जब मैं अंदर गयी तो तब भी उनके पजामे में वो लंड तना हुआ ऐसे ही उछल रहा था. उनके माथे पर पसीना आ गया था.

मैंने उनके लंड की ओर देखा और हल्की सी मुस्कान दे दी और शर्माते हुए गिलास को उनके बेड के पास रख दिया.

जब मैं जाने लगी तो ससुर जी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- कुछ देर बैठ जा बहू.
मैं बोली- ये आप क्या कर रहे हैं पापा? ये सब ठीक नहीं है.

इस बात पर उनको गुस्सा आ गया और मेरा हाथ अपनी ओर खींचकर मुझे अपने पास बिठाते हुए बोले- साली रण्डी, जब से तेरा पति गया है तभी से तेरा नाटक देख रहा हूं. आज तुझे चोद चोद कर सब तेरी नौटंकी दूर कर दूंगा.

ये कहकर उन्होंने मुझे बेड पर पटक लिया और मेरे ऊपर आ चढ़े.
वो मेरी नाइटी के ऊपर से मेरी चूचियों में मुंह मारने लगे. मेरी गर्दन को चूमने लगे.

पहले तो मैंने दिखावटी विरोध किया लेकिन फिर हार मानने का नाटक करके मैं आराम से लेट गयी.
फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगे लेकिन मैंने मुंह नहीं खोला. फिर वो मेरी चूचियों को दबाने लगे तो मेरी आह्ह निकल गयी और मेरे होंठ खुल गये.

इस मौके का फायदा उठाकर वो मेरे होंठों को चूसने लगे और मुझे भी अच्छा लगने लगा.

मैं भी अंदर ही अंदर उनका साथ देने लगी लेकिन मैं ये नहीं दिखाया कि मुझे मजा आ रहा है.
मैं बस न चुदवाने का नाटक सा करती रही.

ससुर जी के घोड़े पर सवारी करती बहू



मेरे ससुर के हाथ मेरी चूचियों पर आ गये थे और वो मेरी नाइटी के ऊपर से मेरी चूचियों को जोर जोर से दबा रहे थे.
मैं अब सिसकारने लगी थी.

वो बोले- हां, साली रंडी, मैं जानता था कि तू ये सब नाटक चुदने के लिए ही कर रही है. मैं आज तेरी चूत को फाड़ दूंगा.
ये बोलकर मेरे ससुर ने मेरी नाइटी फाड़ डाली और मेरी चूचियों को जोर जोर से पीने लगे.

उनके मुंह की पकड़ इतनी तेज थी कि मेरे मुंह से जोर जोर की आहें निकलने लगीं.
मैं अपनी चुदास को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी.

इतने में ही ससुर का एक हाथ मेरी चूत को सहलाने लगा. मेरी चूत में हल्का गीलापन आने लगा था. वो मेरी चूत को जोर जोर से रगड़ने लगे.

मेरी चूत में पानी आने लगा और वो चूत में उंगली से कुरेदने लगे.
मैं भी पागल सी हो रही थी अब.

इतने में ही ससुर ने अपने पजामा नीचे करके लंड बाहर निकाला और मेरे मुंह में दे दिया.
उनका लंड मेरे मुंह में फंस गया और वो धक्के देते हुए बोले- चूस साली … यही है तेरा सपना … चूस ले इसे. चूस साली कुतिया.
मेरे मुंह में उनका लंड पूरा फंस गया था और मेरे गले में अटक गया था. मुझसे सांस नहीं ली जा रही थी लेकिन वो मेरे मुंह को चोदे जा रहे थे.

काफी देर तक मेरे मुंह को चोदने के बाद उन्होंने लंड को बाहर निकाला जो मेरी लार में पूरा गीला हो गया था.

फिर उन्होंने मुझे उल्टी तरफ लिटा दिया और मेरी गांड ऊपर आ गयी.
वो मेरी गांड में मुंह देकर चाटने लगे.

मैं डर गयी कि कहीं ये अपने इस मोटे मूसल को मेरी गांड में न धकेल दें. मैं उनका लंड गांड में नहीं ले सकती थी.

वो मेरी गांड को लगातार चाटे जा रहे थे. मुझे मजा भी आ रहा था लेकिन साथ में डर भी बना हुआ था.

इससे पहले मैंने कभी भी अपनी गांड नहीं चुदवाई थी. कई बार मेरे पति मेरी गांड में लंड देने की कोशिश करते थे लेकिन मैं मना कर देती थी.
अभी तक मेरी गांड कुंवारी ही थी.

उसके बाद वो मेरी चूत भी चाटने लगे तब जाकर मेरी सांस में सांस आयी. वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरे बूब्स भी दबा रहे थे और मुझे अब बहुत मजा आ रहा था.
दोनों तरफ से मजा मिल रहा था.

कुछ देर तक वो मेरी चूत को काट काटकर खाते रहे.
मैं भी पानी छोड़ती रही और चुदने के लिए मचल उठी.

अब ससुर जी से भी नहीं रुका गया तो उन्होंने अचानक से मेरी चूत पर लंड रखा और एक धक्का दे दिया.
उनके लंड की चोट से मेरी जान निकल गयी.
एक बार में ही मेरी चूत को फाड़ कर रख दिया उनके मोटे लंड ने.

उन्होंने मेरे मुंह पर थप्पड़ मारा और चुप रहने के लिए कहा.
मैं चुप हो गयी.

अब वो मुझे चोदने लगे. मैं तो बेहाल होने लगी.

कुछ देर तक तो लंड नहीं लिया गया लेकिन फिर जब चूत खुलने लगी तो मुझे मजा आने लगा.
अब मैं आराम से चुदवाने लगी.

लेकिन ससुर जी की स्पीड बढ़ रही थी. वो लगातार तेज तेज चोदे जा रहे थे.

बीस मिनट की चुदाई में मैं दो बार झड़ गयी. वो अभी भी मुझे तेजी से चोद रहे थे.

फिर उन्होंने एकदम से मेरी चूत से लंड को बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह पर उनके वीर्य की पिचकारी एकदम से आकर लगी.

कई बार उनके लंड से वीर्य की पिचकारी लगी और मेरा पूरा चेहरा सन गया.
मुझे मजा आ गया.
इतनी अच्छी चुदाई मेरी आज तक नहीं हुई थी.

झड़ने के बाद वो मेरे बगल में आकर लेट गये.

हम दोनों फिर 69 में आकर एक दूसरे को चूसने लगे.

कुछ देर की चुसाई के बाद उनका लंड फिर से खड़ा हो गया. अब उन्होंने लंड पर तेल लगा लिया. मेरी चूत और गांड पर दोनों जगह तेल लगा दिया.

उसके बाद मुझे पेट की तरफ सुला दिया और नीचे तकिया लगा दिया.
फिर वो मेरी चूत में लंड डालकर चोदने लगे.

मैं आह्ह आह्ह करते हुए चुदने लगी.

मगर अचानक से उन्होंने मेरे मुंह के ऊपर तकिया लगा दिया.

इससे पहले कि मैं कुछ सोच पाती उनके लंड का टोपा मेरी गांड में जाता हुआ महसूस हुआ.

जब एक जोर का झटका लगा तो मेरी जान निकल गयी.
मैं जोर से चीखी लेकिन मेरी आवाज तकिया के नीचे ही दब गयी.
ससुर का लंड मेरी गांड में घुस गया था और मैं दर्द से छटपटाने लगी.
मगर ससुर ने लंड को बाहर निकालने की बजाय और अंदर धकेल दिया.

वो मेरी गांड में धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगे मगर मैं दर्द में तड़प रही थी.

मैं दर्द से रोने लगी तो वो बोले- साली … तेरी गान्ड कब से मारना चाह रहा था. आज तो फ़ाड़ डालूंगा इसे मैं!

अब मैं बेहोश होने वाली थी कि एक थप्पड़ जोर से मुंह पर उन्होंने मारा और फिर गांड में लंड को धकेलने लगे.
उसके बाद वो मेरी गांड को चोदने लगे.

धीरे धीरे मेरी गांड खुली और मैं चुदवाने लगी.
पांच मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने लंड को बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में दे दिया.
मैं फिर से उनका लंड चूसने लगी.

फिर ससुर ने मेरे मुंह में ही अपना माल गिरा दिया. मैंने उस माल को पी लिया.

उनकी चुदाई से मेरी चूत और गांड दोनों ही फट गयी थी. मगर मुझे चुदाई में मजा भी बहुत मिला.
उन्होंने मेरी चूत और गांड पर मलहम लगाया और मेरा दर्द कम करने की कोशिश की.

अगले 2 दिन तक मैं ठीक से चल नहीं पा रही थी.

फिर उसके 20 दिन के बाद मेरा जन्मदिन था. मेरे जन्मदिन पर भी मेरे ससुर ने मुझे चुदाई का तोहफा दिया.
मगर उस दिन उनके साथ उनका एक दोस्त भी था.
उन दोनों ने मिलकर मुझे चोदा.

9 जनवरी की रात जो ससुर और बहू की चुदाई हुई वो मैं कभी नहीं भूल पाती हूं. पहली बार ससुर के लंड से चुदाई और उनका मोटा लंड आज भी जब मैं सोचती हूं तो मेरी चूत गीली हो जाती है.

फिर मेरे जन्मदिन पर मेरे ससुर जी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मुझे कैसे चोदा वो मैं आपको अगली कहानी में सुनाऊंगी.

भतीजे के मोटे लंड से चूत चमकाई

मेरी सेक्स कहानी में पढ़ें कि मुझे जवान लंड लेने की चाहत हो गयी थी. अपने जेठ के बेटे मतलब अपने भतीजे के लंड से जोरदार चुदाई का मजा मैंने कैसे लिया?

नमस्ते साथियों, मैं मालती आपके लिए अपनी एक दास्तान सेक्सी चाची चुदाई कहानी लेकर आई हूं.
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपना परिचय दे देती हूँ. मेरी उम्र 38 साल है और मैं एक आम घरेलू औरत हूं.

लेकिन फर्क इतना सा आया है कि मैं एक छोटे शहर से बड़े शहर रहने लगी. तो मेरे पहनावे का ढंग बदल गया. जिससे मैं अपने यहां के लोगों के लिए सेक्स की दुकान लगती हूं.

अभी भी मेरे नाम के तोते शहर में उड़ते हैं. ऐसा इसलिए कि मैं 2 बच्चे की मां होते हुए भी अपने बच्चों की उम्र के लंड का सेवन करती रहती हूं. इससे मैं काफ़ी फिट भी रहती हूं.


आज मैं आपको अपनी जिंदगी में घटी एक असली घटना को सेक्स कहानी के रूप में लिख कर बताने जा रही हूं.
मैं आशा करती हूं कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी.

जैसा कि मैंने बताया कि मैं शादी से पहले एक छोटे शहर में रहती थी, तो शादी के बाद पति के साथ बड़े शहर आ गयी.
मैं औरतों की पसंदीदा जगह ब्यूटीपार्लर जाने लगी, जिधर से मुझे मसाज का शौक लग गया.
लेकिन अब तक मैं सिर्फ औरतों से ही मसाज लेती थी.

मसाज का शौक लगा तो मेरी कामेक्षाएं बढ़ने लगीं और धीरे धीरे मैं पुरुषों से भी मसाज लेने लगी.
मर्दों के हाथों ने मेरे बदन को छुआ, तो अंदरूनी अंगों में हलचल होनी शुरू हो गई और इसकी वजह से मुझे गैर मर्दों में रूचि जागने लगी.

उन्हीं दिनों मुझे एक जवान लंड मिला जिसकी साइज़ पूरे साढ़े सात इंच की थी. उसने मुझे ऐसा मज़ा दिया कि बस कुछ भी बताने के काबिल ही न रही.
उस मर्द ने मेरे साथ चुदाई की और मेरे बदन में एक अलग ही सिरहन पैदा कर दी.

हालांकि ऐसा देसी लड़का हर औरत के घर में होता है … बस मैंने परख लिया और उसे पा लिया.

मैंने अपने जेठ के लड़के यानि अपने भतीजे के साथ पहली बार कैसे सेक्स किया, यही दास्तान आपको इस सेक्स कहानी में आगे पता चलेगी.

मेरे भतीजे का नाम अयान है. उसकी उम्र करीब 25 साल के करीब थी. वो एक मस्त बॉडी वाला लड़का है … जैसा देशी लौंडे होते हैं.
उसके मजबूत हाथ और लंड मेरे पूरे शरीर को रगड़ कर रख देते हैं.

मैंने अयान के लंड को पहली बार यूं लिया कि मेरी सास का निधन हो गया था.
मुझे आनन फानन में अपने उसी छोटे शहर में वापस आना पड़ा.

लेकिन दाह संस्कार के अगले दिन पति देव बच्चों को लेकर निकल गए क्योंकि उनके ऑफिस और बच्चों की पढ़ाई दोनों की हानि हो रही थी.
मुझे यहीं रुकना पड़ा क्योंकि मैं बहुत दिन बाद आई थी और सास के निधन का मामला था तो सभी के सामने वापस चला जाना भी अव्यवहारिक था.

उस वक़्त तक अयान से मेरी मुलाकात बस नॉर्मली ही होती थी. वो मेरे पास आता और ‘नमस्ते चाची’ करके हाल चाल लेता, और चला जाता.

ऐसे ही एक दिन मैं मार्किट चली गयी चचिया सास और भाभी जी साथ में थीं.

वापस आते आते हम सभी को रात हो गयी थी और मुझे काफी थकान भी हो गयी थी. मेरे पैर में बहुत दर्द होने लगा था. इसकी वजह से मैं खाना खाकर अपने रूम में चली आयी और कपड़े बदल कर सोने की तैयारी करने लगी.

तभी भाभी मेरे कमरे में आईं और उन्हें मुझसे बात करके पता चली कि मेरे पैर में दर्द है.
उन्होंने तुरंत अयान को आवाज लगाई और मुझे बताया कि अयान बहुत अच्छा पैर दबाता है.

भाभी की आवाज सुनकर अयान मेरे कमरे में आ गया.
मेरी भाभी ने उससे बोला- अयान, अपनी चाची के पैर दबा दे … फिर चले जाना.

अयान ने अपनी मां के सामने अपना सर हिलाते हुए हां में इशारा किया और आकर मेरे पैर दाबने लगा.
इससे मुझे काफी अच्छा लगने लगा. अयान के हाथ पूरे पैर को अच्छे से दबा रहे थे, जिससे मैं आराम करने की मुद्रा में आ गयी.

भाभी अयान को समझाते हुए जाने लगीं और अयान को पैर दाबने के बाद दूध पीने को बोल कर अपने कमरे में सोने चली गईं.

मैं अपने भतीजे से बड़े आराम से पैर दबवा रही थी कि अचानक से मुझे महसूस हुआ कि उसके नर्म हाथ मेरी जांघों को दबाने लगे हैं.
हालांकि उसके हाथ मेरी मैक्सी के ऊपर से ही मेरी जांघों को मसल रहे थे और मुझे काफी अच्छा भी लग रहा था तो मैंने उसे नहीं रोका.

मुझे मर्दों से मालिश करवाने में जो मजा आता था, वो आज कुछ अलग तरह का मजा आ रहा था.

कुछ ही देर में अयान के हाथों का ये दबाव मुझे ऐसे लगने लगा था कि मेरी पैंटी के अन्दर एक अजीब सी हलचल महसूस होने लगी थी.
ऐसा क्यों होने लगा था, ये मुझे समझ नहीं आ रहा था.

शायद इसकी वजह ये थी कि काफी समय से मेरा अपने पति के साथ सेक्स न करना था और उसके मजबूत हाथों के दबाव से भी कुछ मज़ा आने लगा था.

तभी वो उठ कर जाने लगा.
मैंने तुरन्त उसको रोका और पूछा- रुक क्यों गए?
वो बोलने लगा- आपकी आंखें बंद हो गयी थीं … इसलिये मैंने समझा आप सो गई हैं … इसलिए जाने लगा.

मैंने उसको रुकने के लिए कहा और अयान से बोला- तुम बहुत अच्छी तरह से दबा लेते हो … प्लीज़ मेरी पीठ में बहुत दर्द है क्या तुम मेरी पीठ को भी दबा दोगे?
अयान ने हामी भर दी.

मैं औंधी हो गई और उसके बाद अयान मेरे बदन को अच्छे से दाबने लगा.
उसके मर्दाना हाथों के मजबूत दबाव से मेरे अन्दर की कई दिन की प्यासी औरत मस्त होने लगी.

जवान भतीजे अयान का हाथ भी एक प्यासी औरत को जगाने वाली जगहों के पास से होता हुआ चलने लगा, जिससे मेरी पैन्टी में हलचल होनी शुरू होने लगी.
इसकी वजह मेरे मुँह से कामुक आह निकल गयी.

इस मादक आवाज को अयान ने सुन लिया.



पता नहीं क्यों … उसे इसी आवाज का इंतजार था या वो सच में मासूम था.

लेकिन उसके हाथ अब मेरे चूतड़ों के ऊपर आने लगे और अब उसके हाथों का दबाव कुछ जोर से होने लगा.
इससे मेरी चुत हल्के हल्के आगे पीछे होने लगी और मेरी चुत का पानी निकल गया, जिसको उसने भी महसूस कर लिया.

वो बोला- चाची, आप अपने मैक्सी उतार दो … मैं आपकी मालिश अच्छे से कर दूंगा.

मुझे भी पता नहीं क्या हो गया था. उस वक़्त मैं कैसे एक रिश्ते में चुदने को बेताब होने लगी थी. मुझे कुछ होश ही नहीं रहा और मैंने उसकी बात मानते हुए अपने मैक्सी उतार फेंकी. मैं अपनी काले रंग की ब्रा और पैंटी में आ गयी.

जिसके बाद मैंने देखा अयान के लोवर में एक लंबा उभार आ गया है, इससे मुझे अंदाज हो गया था कि आज मैं अपने भतीजे के तगड़े लंड को अपनी चुत में लेने वाली हूं.

इसके बाद मैंने औंधे लेटे हुए ही उससे कहा- पहले देख कर आओ कि घर में सब सो गए हैं या नहीं … फिर सब कर लेना.
वो देखने चला गया.

उसके बाहर जाते ही मुझे कुछ होश आया और मैं बहुत ही कशमकश में फंस गयी थी.
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं. क्योंकि अयान मेरे पति के बड़े भाई का लड़का है और मेरे बेटे से सिर्फ 2 साल बड़ा है. फिर भी आज पहली बार किसी जवान लंड को लेने का मेरा मन होने लगा था.

तब ही अयान आ गया और उसने कमरे का दरवाजा इस तरह लगा दिया कि अगर कोई आये तो पता चल जाएगा.

वो वासना से मेरे बदन को देखने लगा और बोलने लगा- चाची आपका बदन आपकी उम्र से बिल्कुल भी मैच नहीं कर रहा है. क्योंकि जिस उम्र की आप हैं … उस उम्र की इतनी खूबसूरत औरत मैंने अपने पूरे शहर में नहीं देखी.

मैंने तुरंत पूछा- नहीं देखी का क्या मतलब है? तुमने कभी किसी लड़की को अभी तक नहीं चोदा क्या?

अयान ने मेरे मुँह से चोदा शब्द सुना तो वो गनगना उठा.
और उसने भी खुल कर जवाब दिया. उसके जवाब को सुन कर कई लोगों को दुख होगा लेकिन उसने सही बोला था.

उसने बताया- मेरी सेक्सी चाची जी, मैं अभी एक बेरोजगार लड़का हूँ और बहुत ज्यादा पैसे नहीं कमा पाता हूँ. इस वजह से मेरी शादी नहीं हो रही है. आज के वक़्त में कोई भी लड़की बिना पैसे देखे नहीं पटने वाली है. तो मुझको अपना लंड हिला कर शांत करना पड़ता है. मैं लड़कियों और भाभियों को बस अपने सपनों में ही चोद पाता हूँ.

मैं उसकी इस बात से हंस दी. हालांकि उसकी बात में देश की बेरोजगारी की समस्या थी.

इस बीच अयान ने मुझे लेटने का इशारा कर दिया और बातें करते करते मेरी पीठ से नीचे बिंदास जाने लगा.
जिसका अहसाह मुझे गर्म करने लगा और मेरी कामुक आहें निकलने लगीं.

कुछ देर बाद उसने मुझसे सीधा लेटने का बोला.
मैं पीठ के बल ललित गई अब मेरी तनी हुई चूचियां अयान के सामने आ गई थी. साथ ही मेरी टांगों के बीच में मेरी गीली चुत भी उसे मस्त कर रही थी.

उसने पहला हमला मेरी चूचियों पर किया और मेरे मम्मों को अपने हाथों से रगड़ने लगा.
इससे मैं पागल होने लगी और आवाज करने लगी- आह आह धीरे कर … ओइ मां … आह आह जोर से अयान!

मेरे मुँह से खुद ब खुद उसके लिए आवाज निकलने लगी.

आवाज तेज़ होने की वजह से अयान ने मेरे मुँह पर अपना हाथ रख दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया.

अब मुझे उसका मोटा सा लंड अपनी चुत के ऊपर महसूस होने लगा.
मैं झट से उठ गई और लपक कर अयान के लोवर के ऊपर से लंड के उभार को छूने लगी.

ये देख कर अयान ने अपने लोवर से अपने लंड को बाहर निकाल दिया और हिलाने लगा.

उसके खड़े लंड को देख कर मेरे मुँह से लार टपक पड़ी … क्योंकि उसका लंड था ही ऐसा मोटा और लंबा. ये लंड मेरे पति से थोड़ा बड़ा और मोटा था.

मैंने तुरंत उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी.
मुझे आज पता नहीं क्या हो गया था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा. बस अब मुझे इस लंड से अपनी चुदाई करवानी थी, ऐसा मैंने सोच लिया था.

अयान भी मेरी चुत पर अपनी उंगली घुमाने लगा और मुझे और गर्म करने लगा.

वो जैसे जैसे मेरे चुत पर अपनी उंगली घुमाता गया, वैसे वैसे मैं उसके लंड को अपने मुँह के अन्दर बाहर करने लगी.

कुछ देर बाद ही उसके लंड ने पानी छोड़ दिया.
क्योंकि उसको अभी सेक्स का ज्ञान नहीं था इसलिए उसका लंड जल्दी निकल गया.

मगर उसके बाद जो उस लौंडे ने कमाल किया … वो मैं शब्दों में बता ही नहीं सकती.

उसके लंड का पानी निकल जाने के बाद वो मेरे पैरों के बीच अपना मुँह डाल कर मेरी चुत पर अपनी दाढ़ी से हल्का हल्का मसाज देने लगा.
इससे मुझे सिहरन होने लगी.

कुछ देर ऐसा करने के बाद उसने अपनी गर्म जीभ को मेरी चुत पर रख दिया.

अपनी लपलप करती जीभ के साथ अपनी लंबी उंगली को मेरी चुत में उतारने लगा, जिससे मैं एक अलग ही दुनिया में जाने लगी.
मेरे मुँह से मादक सिसकारियों की आवाजें आनी शुरू हो गईं.

उसने मेरी आवाजें सुनी तो मेरी चुत को चूसना छोड़ कर मेरे होंठों को चूसने लगा और उसने मेरे मुँह को बंद कर दिया.
उसके इस कदम से मुझे अपनी चुत से निकलते हुए पानी का खारा स्वाद मिलने लगा.

उसने मेरे कान में कहा- चाची, इतनी तेज आवाज करोगी तो बाहर कोई सुन लेगा.
वो मुझे चिल्लाने से मना करने लगा.

मैंने बात की गंभीरता को समझते हुए अपनी आंखों से मौन स्वीकृति दे दी.
उसने भी समझ लिया और अब वो जल्दबाजी दिखाते हुए अपना लंड मेरी चुत पर सैट करने लगा.

मैंने भी चुत खोल कर लंड को अन्दर ले लिया.
उसका एक दो इंच लंड अन्दर घुसा तो मैं मस्त हो गई.

वो इतने लंड से ही धक्के लगाने लगा. वो अपना पूरा लंड मेरी चुत में बिना डाले चुदाई कर रहा था. मेरी चुत एक भट्ठी की तरह जल रही थी. मैंने अपने हाथ से उसका लंड बाहर निकलवाया और फिर से फांकों में सैट करके उसे चोदने के लिए कहा.

अबकी बार अयान का लंड जैसे ही मेरी चुत में सैट हुआ, उसने जोरदार तरीके से अपने लंबे लंड को मेरी चुत में जड़ तक उतार दिया.

इस प्रहार से मैं चिल्लाने ही वाली थी … लेकिन उसने मेरे होंठों को अपने होंठों से मिला कर मेरी आवाज को रोक दिया.

अब वो धकापेल चुदाई करने लगा और मेरी चुत का भोसड़ा बनाने लगा.
वो लौड़े को चुत की गहराई तक पेल कर मजा देने लगा था.
मेरी गर्म चूत की चुदाई ऐसी हो रही थी … जैसे कोई अनुभवी चोदू करता है.

उसने 10 मिनट तक इसी पोजीशन में अपनी सेक्सी चाची चुदाई की, फिर मुझे उल्टा होने को बोला.

मैं औंधी हो गयी और मेरे भतीजे ने मेरी चुत में पीछे से अपना लंड डाल दिया.

उसी समय मुझे किसी के बाहर होने का अंदाजा हुआ.
लेकिन मुझे चुदाई का नशा ऐसा चढ़ा था कि मुझे कुछ होश ही नहीं था. मुझे तो बस अपनी चुत में एक जवान लंड लेना था.

वो मुझे चोदते हुए लगातार आसन बदल रहा था और चुदाई के बीच बीच वो मेरी चुत को अपनी जीभ से चाट भी लेता था. मुझे बेहद मजा आ रहा था.

इस तरह मेरे भतीजे अयान ने मुझे बहुत देर तक चोदा.
मैं दो बार झड़ चुकी थी.

अयान बोला- चाची मेरा निकलने वाला है.
मैंने बोला- हां, मेरे अन्दर ही गिरा दे.

मुझे उसके लंड के पानी की गर्मी अन्दर तक महसूस करनी थी.

उसके बाद अचानक से मेरी चुत में एक बाढ़ सी आ गयी और उसका पानी मेरी चुत के पानी के साथ बाहर आने लगा.

इस चुदाई के बाद अयान ने अपने कपड़े पहने और बाहर जाने लगा.

इसके बाद वो मेरी चुदाई रोज करने लगा और मैं भी जितने दिन उधर रही, उसी की बाट जोहती रही.
वो मुझे रोज रात सबके सो जाने के बाद रोज रात में 1 से 2 बार चोदता या मेरी चुत को एक अच्छा मसाज देने के साथ चूस कर उसका पानी निकाल देता.

इस तरह मेरी रिश्तों में पहली चुदाई हुई थी. जिसका अनुभव ऐसा रहा कि मैंने छह महीने तक उसको अपने साथ बड़े शहर में रखा.

अब जब भी मेरे पास आता है, मुझे तसल्ली से चोदता है. उसको अब सेक्सी चाची चुदाई करने को मिलती है तो अपने लंड को हाथ से हिलाने की जरूरत नहीं पड़ती.

आपको यह सेक्सी चाची चुदाई कहानी कैसी लगी. आप मेल करके जरूर बताएं क्योंकि इससे ही मुझे आगे की सेक्स कहानी लिखने का हौसला मिलेगा.

उस रात भतीजे के साथ चुदाई के दौरान जो आहट हुई थी, वो कौन था और क्या हुआ … वो सब भी लिखने का मन है. मैं आपकी मालती आपके लिए ऐसी बहुत सी सेक्स कहानी लेकर आऊंगी, जो मेरे साथ बीती है.
आपकी कामुक मालती ठोके

ग़ैर मरद के लण्ड का चस्का

मेरी चूत चोद के मजा कर यार … जो भी मुझे अच्छा लगा, मैंने उससे यही कहा. इस कहानी में एक लड़का बारिश से बच कर मेरे घर के पोर्च में खड़ा था. मैंने उसे अंदर बुला लिया।


सौ मालती ठोके

मैं सबीना हूँ दोस्तो! मैं उच्च घराने को बिलोंग करती हूँ, मॉडर्न हूँ और ओपन माइंडेड हूँ। मैं पुराने रीति रिवाजों को नहीं मानती, न ही मेरे घर वाले मानते हैं।
हम लोग आज के ज़माने में रहते हैं और आज के ज़माने के अनुसार ही अपनी ज़िन्दगी जीते हैं।

मैंने जब जवानी में कदम रखा तो मुझे लड़कों से ज्यादा लड़कों के लण्ड से प्यार होने लगा.
मैं लण्ड के बारे में सोचने लगी. जैसे कि इस लड़के का लण्ड कितना बड़ा होगा? उस लड़के का लण्ड इतना मोटा होगा, इसका लण्ड खबसूरत होगा उसका लण्ड शायद छोटा होगा आदि आदि।
मन ही मन मैं लोगों के लण्ड के साइज का अनुमान लगाने लगी।

मैं अपने कुनबे के ही लोगों के लण्ड छुप छुप कर देखने और पकड़ने की कोशिश करने लगी।

इसी बीच मैंने अपनी कई सहेलियां बना लीं थीं और उनसे खुल कर बातें करने लगी थी।
लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा सबके बारे में खुल कर बातें करतीं थीं हम सब!

उनके घर आना जाना भी शुरू हो गया था तो धीरे धीरे उनकी घर के सभी लोगों से भी घुल मिल गयी थी मैं!

उनमें से एक सहेली थी नगमा!
एक दिन मैंने उससे कहा- यार नगमा, तेरा भाई तो बड़ा हैंडसम है, किसी दिन उसका लण्ड दिखाओ न मुझे? मैंने अभी तक कोई लण्ड नहीं पकड़ा. मैं देखना चाहती हूँ कि लण्ड होता कैसा है … लण्ड दिखता कैसा है?
वह बोली- हायल्ला तूने अभी तक कोई लण्ड नहीं देखा? झूठ बोल रही है तू … चूतिया बना रही है तू मुझे!

मैंने कहा- यार, मैं झूठ नहीं सच कह रही हूँ। मैंने नहीं पकड़ा आज तक कोई लण्ड!
वह बोली- अच्छा बता तू किस तरह का लण्ड देखना चाहती है?
मैंने कहा- यार मैं लण्ड के बारे में कुछ जानती ही नहीं. पोर्न में देखा है तो लगता है कि लण्ड बड़े बड़े होते हैं और मोटे मोटे भी!
वह बोली- अच्छा रुक जा, आज मैं तुझे अभी लण्ड दिखा देती हूँ।

उसने अपना फोन उठाया और जाने क्या लिखा कि बस 10 मिनट में ही एक नहीं, दो लड़के आ गए।

नगमा बोली- देखो सबीना, यह मेरी फूफी का बेटा शमी है और यह इसका दोस्त रज़ा है।
उन दोनों से उसने कहा- ये सबीना है मेरी पक्की दोस्त। हम दोनों दो जिस्म इक जान हैं! न मैं इससे कुछ छुपाती हूँ और न ये मुझसे! इस बिचारी ने अभी तक कोई लण्ड नहीं देखा। शमी तुम अपना लण्ड इसे दिखा दो। मैं तुम्हारे दोस्त का लण्ड पकड़ लेती हूँ।

उसने कमरे का दरवाजा बंद किया और शमी का पजामा मेरे आगे खोल कर फेंक दिया।
उसका टनटनाता हुआ लण्ड मुझे पकड़ा दिया, बोली- ले भोसड़ी की सबीना, अब तू जी भर के देख ले लण्ड! अच्छी तरह पकड़ के देख ले लण्ड!

मैंने बड़ी मस्ती से मुस्कराते हुए उसका लंड पकड़ लिया, उसे थोड़ा हिलाया, प्यार से उसे चूमा और उसे चारों तरफ घुमा कर देखने लगी।
मैं लण्ड में खो गयी।

मेरा मुंह अपने आप ही खुल गया और मैं लण्ड चाटने चूसने लगी।

तब तक नगमा ने भी रज़ा का लण्ड चूसना शुरू कर दिया था।

मैंने पूछा- शमी क्या तुम दोनों मिलकर लड़कियां चोदते हो?
वह बोला- हां हम लोग मिलकर लड़कियां चोदते हैं. मिलकर लड़कियों की माँ भी चोदते हैं।

तब तक नगमा बोली- क्या तुम लोग एक दूसरे की माँ बहन भी चोदते हो?
शमी बोला- हां चोदता हूँ। रज़ा मेरी माँ चोदता हैं मैं रज़ा की माँ चोदता हूँ। रजा मेरी बहन चोदता है मैं रजा की बहन चोदता हूँ।

इन बातों ने मेरी चूत की आग बुरी तरह भड़का दी।
मैं लण्ड और उत्तेजित होकर चूसने लगी।

जोश नगमा को भी आ गया था।

मैं बीच बीच में लण्ड बाहर निकाल निकाल कर मुट्ठ से आगे पीछे करने लगी, ऊपर नीचे करने लगी जैसे सड़का मारा जाता है।
ऐसा ही कुछ नगमा भी कर रही थी।

शमी बहुत ज्यादा ही उत्तेजित हो गया तो वह मेरे मुंह झड़ गया।
मैं भी उसका सारा वीर्य पी गयी क्योंकि मैंने लड़कियों को लण्ड पीते हुए पोर्न में देखा था।

उधर जब रज़ा का लण्ड झड़ा तो मैंने नगमा के साथ उसका लण्ड भी चाटा।

उस दिन तो दोनों चले गए मगर दूसरे दिन नगमा ने मुझे फिर बुलाया।
मैं पहुँच गयी तो वो दोनों पहले से ही बैठे थे।
मैंने कहा- मेरी चूत चोद के मजा कर यार!

फिर क्या … दोनों ने मुझे बारी बारी से खूब धकाधक चोदा और मैंने खूब धकाधक चुदवाया भी!
इसके बाद मेरा चुदवाने का रास्ता खुल गया और मैं हर रोज़ किसी न किसी का लण्ड पेल पेल कर चुदवाती रही।

मैंने अपने खालू से चुदवाया, अपने मामू जान से चुदवाया, मेरा चचा जान तो आज भी मुझे चोदता है।
मुझे सच में नए नए लण्ड से चुदाने की आदत पड़ गयी।

इस तरह मैं बुर चोदी सबके लण्ड का मज़ा लेने लगी।

फिर मेरी शादी हो गयी, मैं अपने शौहर के साथ मुंबई चली गयी।

मेरी शादी का एक साल हो चुका था।
यह तो आप जानते ही हैं कि मैं एक मदमस्त, सुन्दर, सेक्सी और हॉट बीवी हूँ। गोरी चिट्टी हूँ। मेरा कद 5′ 4″ है। मेरा जिस्म भरा हुआ है।

मेरे बड़े बड़े सेक्सी और हॉट बूब्स बड़े बड़े मर्दों को अपना लण्ड हिलाने के लिए मजबूर कर देते हैं।

मैं जब निकलती हूँ तो लोग आगे से मेरी उछलती हुई चूचियाँ और पीछे से मेरी मटकती हुई गांड आँखें फाड़ फाड़ कर देखते हैं। मेरे नाम का सड़का मारते हैं लोग!
उधर मेरा भी मन करता है कि मैं भी उनके लण्ड पकड़ कर देखूं, लण्ड मुंह में लेकर चूसूं और लण्ड अपनी चूत में पेल कर मज़ा लूं।

यही सब सोचती हुई और मुस्कराती हुई मैं निकल जाती हूँ।

मेरे शौहर एक बड़ी कंपनी में बड़े पद पर काम करते हैं इसलिए उनका आना जाना देश में कई जगहों में और विदेशों में भी कई जगहों पर होता रहता है।
मैं यहाँ घर में पूरे फ्लैट में अकेली ही रहती हूँ।

जब मेरा शौहर बाहर टूर पर जाता है तो मैं ड्राइवर की भी छुट्टी कर देती हूँ और गाड़ी खुद चलाती हूँ। अगर उसे रखूंगी तो वह मेरे सारे राज़ जान जायेगा। फिर मेरे लिए मुश्किल हो जाएगी।

मुझे पराये मर्दों के लण्ड पीने का बड़ा शौक है और पराये मर्दों से चुदवाने का तो जबरदस्त शौक है।
मेरी सबसे ज्यादा पसंदीदा चीज है पराये मर्दों के लण्ड!

मैं जब अकेली होती हूँ तो मेरे मन में, मेरे दिल में बस लण्ड ही लण्ड घूमा करते हैं।
लण्ड के अलावा मैं कुछ और सोच ही नहीं सकती।

मैं जब पोर्न देखती हूँ तो उसमे भी सबसे ज्यादा लण्ड ही देखती हूँ इसलिए लण्ड के जुगाड़ में लगी रहती हूँ।
कभी अपने यारों को घर में बुलाकर चुदवाती हूँ और कभी बाहर जाकर लण्ड अपनी चूत में पेलवाती हूँ।
घर में अकेली रहने पर नंगी नंगी पोर्न देखती हूँ और sexy hot stories और फ्री सेक्स कहानी साईट पर हिंदी की सेक्स कहानियां पढ़ती हूँ।

एक दिन पानी बहुत जोर से बरस रहा था।
मैं मुंबई में रहती हूँ और मुंबई की बरसात तो बड़ी मशहूर है।

नीचे पोर्च में एक मस्त जवान लड़का बिलकुल भीगा हुआ खड़ा था। वह ठण्ड के मारे थोड़ा कंपकंपा भी रहा था।
मुझे उस पर तरस आ गया तो मैं उसे अपने फ्लैट पर ले आई और उसे एक तौलिया दिया।

मैंने कहा- तुम इसे लपेट कर अपने सारे कपड़े उतार दो, मैं उन्हें मशीन में धो दूँगी. एक घंटे में धुलकर और सूख जायेंगे, तब तुम उन्हें पहन कर चले जाना।
वह मान गया।

मेरा तो निशाना कहीं और था।
मैंने जब उसकी चड्डी देखी तो समझ गयी कि अब यह तौलिये के नीचे बिल्कुल नंगा है।

पहले मैंने उसके लिए गर्म गर्म चाय बनाई।
हल्का सा ब्लोवर चला दिया तो उसकी ठंड दूर हो गयी।

लड़का बड़ा स्मार्ट था, हैंडसम भी था।
उसकी छाती के बाल बड़े सेक्सी लग रहे थे। बदन उसका कसरती था।

मेरी चूत की आग धधकने लगी थी।

फिर मैंने उसे हॉट वाटर में एक पैग व्हिस्की बनाकर दी और मैं भी उसके साथ पीने लगी।
मैं केवल मैक्सी में थी और कुछ भी नहीं, ना ब्रा ना पेंटी।

मैसी फ्रंट ओपन थी, मैंने अपने लम्बे लम्बे बाल आगे कर लिया था, जिससे मेरी दोनों चूचियाँ ढकी हुईं थीं।
बीच बीच में मैं उसका रुख जानने के लिए अपनी चूचियों की झलक उसे दिखा भी देती थी।

मैंने कहा- यार अब तुम अपने बारे में मुझे बताओ कुछ?

उसने कहा- मैं असद हूँ। मैं 22 साल का हूँ, एम बी ए फाइनल ईयर में हूँ।

मैंने पूछा- तो फिर तुम्हारे कॉलेज में लड़कियां भी होंगी? अब तुम सच सच बताओ की तेरी गर्ल फ्रेंड्स कितनी हैं?
वह बोला- करीब करीब सभी लड़कियां हैं मेरी गर्ल फ्रेंड्स, मैं सबसे बड़े प्यार से बोलता हूँ, सबके बना कर रखता हूँ किसी से कोई मनमुटाव नहीं रखता।

मैंने कहा- मेरा मतलब कितनी लड़कियां तुम्हारी पक्की दोस्त हैं जिन्हें तुम अच्छी तरह से जानते हो … सब कुछ खुल कर करते हो, वो भी तुमसे पूरी तरह खुली हुई हैं।
उसने बताया- वो तो बस 4 / 5 ही हैं।

मैंने पूछा- तो फिर सच सच बताओ की कितनी लड़कियां चोदीं हैं तुमने अभी तक?
वह थोड़ा शर्मा गया।

मैंने उसकी हिम्मत जुटाई और कहा- यार असद, तुम मर्द हो न? एक बात अच्छी तरह समझ लो कि बिना लड़की चोदे कोई लड़का मर्द नहीं बनता. मर्द होने का सबूत है बुर चोदना। तुम्हें बताने में क्या दिक्कत हो रही है? यहाँ मेरे अलावा कोई और तो है नहीं!
वह बोला- हां, मैंने दो लड़कियां चोदीं हैं।

मैंने कहा- अच्छा कितनी लड़कियों ने तेरा लण्ड पकड़ा है?
उसने बताया- वो तो कई हैं मेम, कुछ तो जबरदस्ती लण्ड पकड़ लेती हैं। कुछ डरा धमका कर पकड़ लेती हैं. कहतीं हैं कि मुझे लण्ड पकड़ाओ नहीं तो मैं शोर मचा दूंगी। फिर मुझे पकड़ाना ही पड़ता है।

मैंने कहा- अच्छा बताओ लड़कियां लण्ड पकड़ कर क्या करतीं हैं।
उसने बताया- मुंह में लेती हैं. चूमती हैं चाटती हैं फिर सड़का मारती हैं और जो कुछ निकलता है उसे पी जाती हैं, चाट जाती हैं.

मैंने कहा- लड़कियों को कभी गाली देते हुए सुना है?
वह बिंदास बोला- खूब सुना है. रोज़ ही सुनता हूँ। लड़कियां आपस में खूब गालियां बकतीं हैं। लड़कों के आगे बकतीं हैं। लड़कों को खुले आम गालियां देती हैं।

मैंने एक तीखा सवाल पूछा- अच्छा अब बता कि तेरे लण्ड का साइज क्या है असद?
वह बोला- कभी नाप कर देखा नहीं मैंने!

मैंने उसे इशारा किया तो वह खड़ा हो गया। मैंने उसकी तौलिया खींच लिया तो वह नंगा हो गया।
तब मैंने मुस्कराते हुए कहा- अब मैं नाप कर देखूंगी तेरे लण्ड का साइज!

लण्ड उसका बहनचोद खड़ा ही था।

हाथ बढ़ाकर मैंने बड़े प्यार से लंड पकड़ लिया, उसकी चुम्मी ली और कई चुम्मियाँ ली तो लण्ड एकदम से तन गया।
मैंने पेल्हड़ भी चूमे।

उसकी मस्ती बढ़ने लगी।

मैंने अपनी चूचियाँ खोल दीं.
उन्हें देख कर उसका लौड़ा और ज्यादा फनफना उठा।

मैंने इंची टेप निकाला और लण्ड का साइज नापा तो 8″ x 4″ का निकला।
तो मैंने कहा- वॉव … बड़ा मोटा तगड़ा है तेरा भोसड़ी का लण्ड असद! तू सच में बहुत मस्त और शानदार मर्द है यार! अब मुझे मालूम हुआ कि लड़कियां क्यों पसंद करतीं हैं तेरा लण्ड! आज मैं भी तेरे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ!

मैंने अपने बाल एक ही झटके में पीछे कर दिया तो मेरी दोनों चूचियाँ एकदम नंगी हो गयीं उसके आगे।
वह मुझे बड़े गौर से देखने लगा।

फिर मैंने अपनी मैक्सी भी उतार फेंकी।
मैं बिल्कुल नंगी हो चुकी थी उसके आगे … और वह भी नंगा हो चुका था मेरे आगे!

उसे मैं बेशरम बनाना चाहती थी, उसकी झिझक ख़त्म करना चाहती थी।

मैंने पूछा- असद, तुमने कभी किसी लड़की की बुर चाटी है?
वह बोला- हां, मैंने अपनी भाभीजान की बुर चाटी है। उसने खुद ही अपनी बुर दिखाते हुए कहा था ‘देवर जी, पहले मेरी बुर चाटो फिर चोदो।’

उसकी यह बात सुनकर मुझे भी जोश आ गया।
मैं भी बड़ी सेक्सी आवाज़ में बोली- मैं भी तेरी बुरचोदी भाभी जान हूँ असद! मैं भी तेरी हरामजादी भोसड़ी वाली भाभीजान हूँ। मेरी भी बुर चाटो मेरे देवर राजा, मैं तेरा लण्ड चाटूँगी।

ऐसा बोलकर मैंने उसे बेड पर चित लिटा दिया, अपने बालों का जूड़ा बना कर ऊपर बांध लिया और उसके ऊपर चढ़ बैठी, अपनी बुर उसके मुंह पर रख दी और खुद झुक कर उसका लण्ड चाटने लगी।
वह मेरी बुर चाटने लगा।

हम दोनों 69 बन गए।

बिना झांट का लण्ड बहन चोद बड़ा खूबसूरत लग रहा था।
वैसे भी मुझे पराये मर्दों के लण्ड बिना झांट के चिकने चिकने ही अच्छे लगते हैं।

वह भी मस्ती से मेरी बुर चाटने लगा। उसकी शर्म झिझक सब ख़त्म हो गयी थी। उसे खूबसूरत परायी चोदने को मिल रही थी तो वह भी मस्त हो गया था।

तो मैंने उसे कहा- अब मेरी चूत चोद यार!

असद ने फिर लण्ड मेरी चूत पर रखा और एक ही धक्के में पूरा घुसा दिया अंदर!
फिर उसे पूरा बाहर निकाला और फिर पेल दिया अंदर!

ऐसा वह बार बार करने लगा।

लण्ड पूरा निकाल कर बार बार पेलना मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था।

मैं समझ गयी कि इसे बुर चोदना आता है … अनाड़ी नहीं है असद!
चूत चोदने का अनुभव है इसे!

ऐसे में मैं भी अपनी गांड गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगी।

उसके मुँह से निकला- हाय मेरी भाभी जान, तेरी फुद्दी मुझे बड़ा मज़ा दे रही है। आज मैं इसे अच्छी तरह चोद डालूँगा। मुझे लगता है कि तू भी पूरी छिनार है। ग़ैर मर्दों से खूब भकाभक चुदवाती है। तेरी माँ का भोसड़ा … तेरी बहन की चूत! फाड़ डालूँगा आज मैं तेरी चूत। मेरी बुरचोदी भाभीजान भी ऐसे ही चुदवाती है जैसे तू चुदवा रही है। वह भी बहुत बड़ी छिनार है। मेरे दोस्तों के भी लण्ड पीती है मेरी भाभी। मेरे पड़ोस में एक लड़की है तब्बू … मैं उसकी भी बुर चोदता हूँ।

उसकी बातों ने तो मेरी चूत में और आग लगा दी।
मैं और उत्तेजित हो के चुदवाने लगी।

मैंने कहा- हाय रे मेरे राजा … चोद डालो मेरी चूत। तेरा लण्ड साला बड़ा ताकतवर है। आज चीर डाल मेरी चूत। बहुत दिनों के बाद कोई लौड़ा घुसा है इसमें! मेरी चूत का बना दो भोसड़ा। मैं तेरी बीवी हूँ यार असद … मुझे बीवी की तरह हचक हचक के चोदो, पूरा लौड़ा पेल के चोदो। मेरी माँ भी चोद डाल यार … मेरी बहन की बुर में भी लौड़ा घुसेड़ दे। तू कुछ भी कर सकता है।

मैं उचक उचक के खूब मस्ती से चुदवाये चली जा रही थी।
वह चुदाई की स्पीड बढ़ाता जा रहा था।

मैं पागल हुई जा रही थी और वह शेर की तरह मेरी चूत मार रहा था।
कुछ देर में वह बोला- भाभीजान, अब मैं निकल जाऊंगा।

तब तक मैं भी खलास हो चुकी थी।

फिर मैंने उसका झड़ता हुआ लण्ड पिया।

मैंने उसे रात में रोक लिया और रात में 3 बार उससे चुदवाया और खूब मजे से चुदवाया।

किसी ने सच ही कहा है कि जिस बीवी को ग़ैर मरद के लण्ड का चस्का लग जाता है, वह फिर कभी ज़िन्दगी में छूटता नहीं है।
मेरी कहानी कैसी लगी? कमेंट्स करके बताएं.